
Description
यकृत, प्लीहा, मूत्रपिण्ड विचार.
ɪᴛs Cʟɪɴɪᴄᴀʟ Aᴘᴘʟɪᴄᴀᴛɪᴏɴ
🇸 🇾 🇱 🇱 🇦 🇧 🇺 🇸
🌏 1. अग्नि संस्थान परिचय
🌏 2. उदर परीक्षण
Introduction and Importance
🌏 3. Why are these 3 organs considered ?
Why only यकृत, प्लीहा, मूत्र पिंड are part of अग्नि संस्थान ?
🌏 4. यकृत:-
📌 Modern Anatomy and Physiology
📌 पांचभौतिक विचार एवं उत्पत्ति
📌 यकृत और स्त्रोतस विचार
📌 निम्नलिखित लक्षणों पर संप्राप्ति विचार
✓- ज्वर
✓ - मलावष्टंभ
✓ - फुफ्फुस शूल
✓ - यकृत सिराजाल दर्शन
✓ - कास
✓ - शिरशूल
✓ - प्रतिश्याय
📌 नाद - Importance
घन | पार्थिव । आकाशीय
🌏 5. प्लीहा:-
📌 Modern Anatomy and Physiology
📌 पांचभौतिक विचार एवं उत्पत्ति
📌 प्लीहा विचार
📌 निम्नलिखित लक्षणों पर संप्राप्ति विचार
✓ - अग्निसाद
✓- ज्वर
✓ - क्लम
✓ - प्लीहा प्रदेशी शूल
✓ - आंत्रकूजन
✓ - कास
✓ - आनाह
✓ - हृतशूल
✓ - आस्यवैरस्यता
📌 नाद- Importance
घन | पार्थिव । आकाशीय
🌏 6.मूत्रपिण्ड
📌 Modern Anatomy and Physiology
📌 पांचभौतिक विचार एवं उत्पत्ति
📌 वृक्क उत्पत्ति और आयुर्वेद विवेचन
📌 निम्नलिखित लक्षणों पर संप्राप्ति विचार
✓ - उरु पिण्डीकाशूल
✓ - सायं ज्वर
✓ - सायं क्लम
✓ - शीतपित्त
✓ - वृषणशूल
✓ - शिरोग्रह
✓ - मलावष्टंभ
✓ - अम्लपित्त
✓ - श्वासकृच्छता मलवटक
✓ - कास
✓ - संधिशूल
✓ - अग्नि मांद्य
✓ - भ्रम
✓ - हस्तपाद तल & मूत्रदाह
✓ - मूत्र ग्रह
✓ - मुखपाक
✓ - कण्ठदाह
✓ - सायं अंगमर्द
✓ - निद्रानाश
✓ - आनाह
✓ - पक्षाघात
✓ - सर्वांगकण्डू
✓ - प्रतिश्याय
✓ - अर्धशरीर शक्तीहीनता
✓ - हस्त पाद पिण्डीका शैत्यता
✓ - तीव्र शिरः शूल
✓ - मूत्राल्पता
✓ - मलवटक
✓ - फुफ्फुस प्रदेशी कृष्णछाया
✓ - कार्य होने की पश्चात - कार्य हुआ है या नहीं ऐसा संशय उत्पन्न होना
📌 नाद- Importance
घन | पार्थिव । आकाशीय
🌏 7. कल्प
📌 यकृत के
अम्ल धर्मी कल्प
क्षार धर्मी कल्प
📌 प्लीहा के
अम्ल धर्मी कल्प
क्षार धर्मी कल्प
📌 मुत्र पिंड के
अम्ल धर्मी कल्प
क्षार धर्मी कल्प
🌏 8. Case presentation
